charger aur uske maalik ki vyatha~

चार्जेर और उसके मालिक की व्यथा :
बेचारा मेरा चार्जेर
वो कहाँ गया, मुझे भूल गया,
छोड़ गया वो मोड़ गया!
बंधा बंधा सा रहता था वो,
अपने आप में सिमटा सिमटा सा रहता था वो,
खोज लाओ बोझ लाओ
मेरे चार्जेर को ढूंढ लाओ!
उसके बगैर अधूरा सा है मेरा फ़ोन
ना msg ना मिस फ़ोन
उफ़ मेरा चार्जेर!!
कितने प्यार से इलेक्ट्रिसिटी की सूली पे चढ़ जाता था वो,
न चिल्लाता न शोर मचाता था वो,
खोज लाओ, ले के आओ,
छोड़ गया वो मोड़ गया~

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